सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

When can you be around others? CDC updates coronavirus guidance

(CNN) People who have been sick with coronavirus infections should stay away from other people until they've gone at least three days with no fever, have seen symptoms improve, and until it's been 10 days since they first noticed symptoms, the US Centers for Disease Control and Prevention  said in updated guidance. The CDC updated guidance on when it's safe to leave quarantine, as well as some consumer-friendly guidance on using public transit and ride shares as states loosen restrictions on opening schools, businesses and leaving home. People who have been infected need to be sure they won't spread the virus, even if they feel better, the CDC advised. How many people have coronavirus? Sometimes, it's just a guess "Depending on your healthcare provider's advice and availability of testing, you might get tested to see if you still have Covid-19. If you will be tested, you can be around others when you have no fever, symptoms have improv...

वैकासिक आणविक जीवविज्ञान का यह एक अभिनव एवं अप्रतिम प्रयोग होगा जहां यह प्रोटीन शरीर के बाकी सेल रिसेप्टरों से ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनेगी कोविड -१९ बीमारी फैलाने वाले वायरस के लिए यह विष्णु -माया से काम नहीं होगी

कोरोना वायरस को चकमा देने वाली प्रोटीन  लीसेस्टर विश्वविद्यालय के जैवआण्विकी  साइंसदान इन दिनों एक ऐसी प्रोटीन तैयार कर रहें हैं जो ठीक उन अणुओं की तरह ही होगी जिन्हें सार्स -कोव -२ निशाना बनाता है। दरसल यह विषाणु फेफड़ों को और श्वशन क्षेत्र की कोशिकाओं ,कोशिका समूहों से बने ऊतकों को ही नष्ट करके शरीर के सभी प्रमुख अंगों को निशाने पे ले लेता है। खासकर इसके निशाने पर ऐस (ACE -2 )नाम के सेल रिसेप्टर जो फेफड़ों की सतह पर मौजूद रहते हैं -आते हैं। यह सारे शरीर के ऐसे अभिग्राहियों को धीरे -धीरे नष्ट कर डालता है। आणविक स्तर पर ही इसके पूरे जीन नक़्शे जीनोम का अध्ययन करने के बाद ही साइंसदानों ने यह प्रोटीन बनाने का मन बनाया है। आने वाले दो ढ़ाई महीनों में ही इस चकमा देने वाली प्रोटीन के अध्ययन परिक्षण शुरू हो जाएंगे। ये प्रोटीन जो घुद घुलनशील है  चकमा देकर सार्स - कोव -२ को अपनी ओर  विशेष तौर पर आकर्षित करेगी मोहिनी रूप धरकर रिसेप्टर सेल्स का। वायरस इससे चस्पां होगा और इसमें ही विलीन होकर नष्ट हो जाएगा। वैकासिक आणविक जीवविज्ञान का यह एक अभिनव एवं अप्रतिम...

महाकाल के हाथ पर गुल होते हैं पेड़ , सुषमा तीनों लोक की कुल होते हैं पेड़।

महाकाल के हाथ पर गुल होते हैं पेड़ , सुषमा तीनों लोक की कुल होते हैं पेड़। एक वृक्ष औसतन एक साल में २५० पाउंड्स प्राण वायु ऑक्सीजन पैदा करता है।  कम्प्यूटेशनल मॉडल्स स्टडीज़ (कम्प्यूटरीकृत निदर्श अध्ययनों )से मालूम हुआ है ,तरुवर  कणीय प्रदूषकों (Particulate Matter -PM)के हवा में स्तर को ७ %से २० फीसद तक कम कर सकते हैं। चौड़ी बड़ी पत्तियाँ इन कणीय प्रदूषकों की अपेक्षाकृत अधिक मात्रा ज़ज़्ब कर लेती  हैं।इसीलिए ये वेरिएशन या बदलाव देखने को मिलता है। कार्बन सिकुवेसट्रेशन (कार्बन पृथक्करण /प्रच्छादन )द्वारा पेड़ वायुमंडल से कार्बन डायआक्साइड छांट कर अलग कर देते हैं कार्बन का अभिग्रहण कर लेते हैं एक साल में एक पेड़ इसी तरीके  से ८०० पौंड कार्बन संग्रहण कर लेता  है। Carbon sequestration is the process of capture and long -term storage of atmospheric carbon dioxide, विज्ञानियों ने पता लगाया है मनुष्य अब तक पृथ्वी की कुल वृक्ष सम्पदा (वन्य धरोहर) का ४६  फ़ीसद सफाया कर चुका है। यह खुलासा  १९९० से लेकर २०१६ तक संपन्न अध्ययनों से हुआ है।१. ३ मिलियन वर...

अयोध्या फैसले पर वागीश मेहता

अयोध्या फैसले पर वागीश मेहता ,राष्ट्रीय अध्यक्ष ,भारतधर्मी समाज :बकौल आपके यह फैसला पक्ष विपक्ष का नहीं भारत की एक चिरकालिक समस्या का राष्ट्रीय समाधान प्रस्तुत करता है। इस विषय में माननीय असददुद्दीन ओवैसी अपनी खुद की राय रखते हुए कहते हैं ,सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम ज़रूर है ,इनसोलुबिल नहीं है। हम उनसे असहमत रहते हुए उनके   विमत का भी उतना ही आदर करते  हैं यही तो लोकतंत्र की ताकत है बस यदि यह उनकी निजी राय है तो अपने लिए 'हम 'सम्बोधन नहीं 'मैं 'मेरी ' राय में का इस्तेमाल करें।नाहक अपनी जुबां मुसलमानों के मुंह में फिट करने मुस्लमानाओं की ज़ुबाँ बतलाने की कोशिश न करें। इस्लाम का तो मतलब ही अमन है। कैसे तालिबान (इल्मी ,विद्यार्थी हैं ?)ज़नाब ओवेसी साहब ? कई लोग पूछ रहे हैं वे बे -शक मुस्लमान है, मुस्लिम हैं ,लेकिन सुप्रीम -मुस्लिम,सुपर मुसलमां  नहीं हैं। चाहे तो वह आइंदा आने वाले संभावित क्यूरेटिव पिटीशन की ज़िरह अपने हाथ में ले लें। यह टाइटिल सूट पर फैसला था ,जो खुदाई में मिले साक्ष्यों  के आधार पर दिया गया है कोरी आस्था पर नहीं। तुलसीदास के समय (भारत क...

"भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता। भीड़ अनाम होती है ,उन्मादी होती है।"

"भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता। भीड़ अनाम होती है ,उन्मादी होती है।" तीसहजारी कोर्ट की घटना को मानव निर्मित कहा जाए ,स्वयंचालित ,स्वत : स्फूर्त या हालात की उपज ?बहस हो सकती है इस मुद्दे पर। मान लीजिये नवंबर २ ,२०१९ तीसहजारी घटना-क्रम लापरवाही का परिणाम था ,जिस की सज़ा तुरत -फुरत माननीय उच्चन्यायालय,दिल्ली ने सुना दी। पूछा जा सकता है : नवंबर ४,२०१९  को जो कुछ साकेत की अदालत और कड़कड़ -डूमाअदालत में  घटा वह भी लापरवाही का परिणाम था। क्या इसका संज्ञान भी तुरता तौर पर दिल्ली की उस अदालत ने लिया। तर्क दिया गया गोली चलाने से पहले पूलिस ने अश्रु गैस के गोले क्यों नहीं दागे ,लाठी चार्ज से पहले वार्निंग क्यों नहीं दी। उत्तर इसका यह भी हो सकता है :क्या जो कुछ घटा नवंबर २ को उसकी किसी को आशंका थी? यह एक दिन भी कचहरी के और दिनों जैसा ही था। जो कुछ घटा तात्कालिक था ,स्पोटेनिअस था ,चंद-क्षणों की गहमा गहमी और बस सब कुछ अ-प्रत्याशित ? तर्क दिया गया ,पुलिस धरने पर बैठने के बजाय देश की सबसे बड़ी अदालत में क्यों नहीं गई। हाईकोर्ट के तुरता फैसले के खिलाफ ? चार नवंबर को ...

Stop Passing the Buck Mr Kejriwal sir on to CMs of other states for NCRs pollution

Mr Kejriwal sir ,pl stop politising an economic issue and passing the buck on to Panjab and Haryana CMs.You are giving a subsidy of nearly 200 croroes to DTC to meet free ride expanses.The cost of a Happy Seeder is in between Rs44,000-2.5 lac which a farmer can hardly spend.There are literally no kulks (so called rich farmers as the term resonates)even in Panjab and Haryana .UP is bucking the trend .The size of Individual Khet or Jot or land under  cultivation is small here and labor is cheap ,so paddy harvesting and seeding is labor intensive here as against combine harvesters in Panjab and Haryana owned by some farmers .At presnet both these states are extending 33%subsidies on Happy seeder machhines which work in tendem with disel operated Tractors.Khattar and Captain Amarinder Singh Ji can take the initiative of landing community Happy Seeder which the farmers can use like a day night match 24x7 for a fortnight in turn in a village . Kejri wal sahb can do the same in the NCR r...

राहुल शीर्षासन में खड़े होकर माफ़ी मांगें देश और संसद से

राहुल शीर्षासन में खड़े होकर दो टूक माफ़ी मांगें देश और संसद से  इस छैला राजकुमार की तब बांछें खिल गईं  थीं जब राफेल मुद्दे पर पांच अलग अलग  याचिकाएं दायर हुई थीं  और सुप्रीम कोर्ट ने कहा  था  जो कुछ आप सूचना देना चाहें बंद लिफाफे में देवें क्योंकि मामला देश की प्रतिरक्षा व्यवस्था  से जुड़ा है। स्वागत किया तब राहुल दत्तात्रेय ने सुप्रीम कोर्ट का यह कहते हुए अब खुलेगी पोल।  अब ये उसी कोर्ट के फैसले को मान ने के लिए तैयार नहीं हैं। जॉइंट पार्लिअमेंटरी कमिटी बनाने की मांग उठवा रहें हैं अपने  खड़गों-सूरजो से। वह सूरजे तो यह भी कह देगा मैं सुरजे नहीं हूँ। यह वह पार्टी है जिसमें एक कमल घात शहज़ादे का  अम्बुपान करते करते मुख्यमंत्री बन गए हो सकता है कल को खड़गे के हाथ भी कुछ लग जाए।  बतलातें चलें आपको जो मामला देश की अस्मिता से जुड़ा है (प्रत्येक सरकार के देश की सुरक्षा से जुड़े कुछ मामले  होते हैं जो सार्वजनिक  नहीं किये  जाते  )किस हस्ती से ये मतिमंद कुमार राहु राजनीति का ,ज़वाब देही  मांग रहा है स...